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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
जब à¤à¤• महिला के गरà¥à¤ या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर à¤à¥à¤°à¥‚ण विकसित होता है तो उसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ कहते हैं। इस à¤à¥à¤°à¥‚ण को पूरी तरह विकसित होकर जनà¥à¤® लेने तक लगà¤à¤— 40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ या 9 महीने का समय लगता है। पर कई बार कà¥à¤› जटिलताओं के कारण शिशॠगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय पूरा होने से पहले à¤à¥€ जनà¥à¤® ले सकता है। हालांकि इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वो पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता है और उसे कास देखà¤à¤¾à¤² की ज़रूरत पड़ती है।गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को तीन खंडों यानी टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है। ये गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के उन तीन चरणों की तरह हैं जिनमें शिशॠका विकास चरणबदà¥à¤§ तरीके से होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार (Pregnancy ke Prakaar)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ 9 पà¥à¤°à¤•ार की हो सकती हैं। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के कई कारण हैं, जिनमें माठकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में शारीरिक अंतर, à¤à¤• साथ कई अंडों का रिलीज़ होना, à¤à¤• ही अंडा कई शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼ होना या माठका खराब सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौ पà¥à¤°à¤•ारों में शामिल हैं
इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤¨ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ है जिसमें à¤à¥à¤°à¥‚ण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ होता है, और पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियों से जà¥à¤¡à¤¼ जाता है
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
इस पà¥à¤°à¤•ार की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तब होती है जब à¤à¤• फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¥à¤¡ अंडा फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अलावा किसी अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ होता है।इस पà¥à¤°à¤•ार की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ असामानà¥à¤¯ होती है और आमतौर पर शरीर सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ ही गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ कर देता है।कई बार इसे सरà¥à¤œà¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
टà¥à¤¯à¥‚बल गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
इस पà¥à¤°à¤•ार की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तब होती है जब à¤à¤• फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¥à¤¡ अंडा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बजाय फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ हो जाता है। इस पà¥à¤°à¤•ार की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯ नहीं है ।
पेट के अंदर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
इस पà¥à¤°à¤•ार के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ पहले हो चà¥à¤•े सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण हो सकता है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ का निशान कमजोर होकर फट सकता है, और à¤à¥à¤°à¥‚ण पेट के अंदर फिसल सकता है।
सिंगलेट गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ है जिसमें à¤à¤• अंडा à¤à¤• शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ से मिलता है और à¤à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण विकसित होता है
मलà¥à¤Ÿà¤¿à¤ªà¤² गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तब होती है जब à¤à¤• ही समय में कई अंडे फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼ होते हैं या दो शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ à¤à¤• अंडे में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं।
लà¥à¤¯à¥‚पस गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
यह à¤à¤• ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न बीमारी लà¥à¤¯à¥‚पस से पीड़ित महिला की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ है, जिसमें रकà¥à¤¤ का थकà¥à¤•ा जमना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है।
हाई रिसà¥à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी
इसमें गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ से लेकर पूरे 9 महीने तक जोखिम बना रहता है।ये 35 की उमà¥à¤° से अधिक वाली महिलाओं, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की पीड़ित महिलाओं या अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से पीड़ित महिलाओं को होती है।
मोलर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
à¤à¤• पूरà¥à¤£ मोलर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प होती है जिसमें à¤à¥à¤°à¥‚ण को सहारा नहीं मिलता है।आंशिक मोलर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तब होती है जब दो शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ à¤à¤• अंडे को निषेचित करते हैं, लेकिन दो à¤à¥à¤°à¥‚ण विकसित नहीं होते हैं। इसमें à¤à¥à¤°à¥‚ण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से विकसित नहीं हो सकता है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ होने के लकà¥à¤·à¤£ (garbhavastha Ke LakshaN)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सबसे आम शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हो सकते हैं:
मिसà¥à¤¡ पीरियड
यदि आप गरà¥à¤ धारण करने की कोशिश कर रही हैं।और आपके मासिक धरà¥à¤® में विलमà¥à¤¬ हो चà¥à¤•ा है तो आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो सकती हैं।
संवेदनशील, सूजे हà¥à¤ सà¥à¤¤à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ के कारण सà¥à¤¤à¤¨ संवेदनशील और पीड़ादायक हो सकते हैं।
उलà¥à¤Ÿà¥€ या जी मिचलाना
आपको मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस महसूस हो सकती है जो दिन या रात के किसी à¤à¥€ समय हो सकती है।यह अकà¥à¤¸à¤° आपके गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के à¤à¤• से दो महीने बाद शà¥à¤°à¥‚ होती है। हालांकि, कà¥à¤› महिलाओं में ये पहले à¤à¥€ हो सकती है। कà¥à¤› महिलाओं को इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ नहीं होता है।
पेशाब में वृदà¥à¤§à¤¿
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को सामानà¥à¤¯ से अधिक बार पेशाब लग सकता है । गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके शरीर में रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है, जिससे आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ आपके मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में जाने वाले अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ को संसाधित करने लगते हैं।
थकान
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में थकान à¤à¥€ शामिल है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले तीन महीनों के दौरान नींद आने का कारण सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं है हालांकि, पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में तेजी से वृदà¥à¤§à¤¿ थकान में योगदान कर सकती है।
मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपके शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ परिवरà¥à¤¤à¤¨ के कारण आप असामानà¥à¤¯ रूप से à¤à¤¾à¤µà¥à¤• हो सकती हैं। मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग होना à¤à¥€ आम लकà¥à¤·à¤£ हैं।
बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ के कारण आपको बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ हो सकती है ।
लाइट सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग
कई महिलाओं में लाइट सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• हो सकती है। यह रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ उस समय के आसपास होता है जब आप मासिक धरà¥à¤® की अपेकà¥à¤·à¤¾ करती हैं।
à¤à¤‚ठन
कà¥à¤› महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में हलà¥à¤•ी à¤à¤‚ठन का अनà¥à¤à¤µ होता है।
कबà¥à¤œ
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ के कारण आपका पाचन तंतà¥à¤° धीमा हो जाता है, जिससे कबà¥à¤œ हो सकता है।
गंध के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशील
जब आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती हैं, तो आप कà¥à¤› गंधों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील हो सकती हैं
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ होने के कारण (garbhavastha Hone Ke Kaaran)
यदि आप गरà¥à¤ धारण का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रही हैं तो आपके गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।इस दौरान कपल अन पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ सेकà¥à¤¸ करते हैं जिसके कारण गरà¥à¤ धारऩ हो सकता है।
कई बार महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤ निरोधक के तौर पर आईयूडी या पिलà¥à¤¸ का उपयोग करती हैं।पर किसी कारणवश ये अपना काम पूरी तरह कर पाने में असफल रहती हैं औऱ गरà¥à¤ धारण हो जाता है।
कंडोम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सेकà¥à¤¸ करने वाले कपलà¥à¤¸ में à¤à¥€ कई बार पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी हो सकती कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤› मामलों में कंडोम कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकता है और पूरी तरह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ देने में नाकाम रहता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपका खान-पान (Aapki Diet garbhavastha ke Dooran)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से आपके बचà¥à¤šà¥‡ का विकास अचà¥à¤›à¥€ तरह होगा। हालांकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपको किसी विशेष आहार पर जाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है। लेकिन पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के साथ सही संतà¥à¤²à¤¨ वाला आहार लेना आवशà¥à¤¯à¤• है। आपके खाने में विटामिन और खनिज होना आवशà¥à¤¯à¤• है।साथ ही फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पूरक à¤à¥€ लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।हालांकि जानकार मानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में दो के लिठखाने की ज़रूरत नहीं होती है। आप अपने आहार में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ चीज़ें ही खाà¤à¤‚।
फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खूब फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खानी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये विटामिन और खनिज के साथ ही फाइबर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं, जो पाचन में मदद करता है और कबà¥à¤œ को रोकने में मदद कर सकता है।दिन में कम से कम तीन बार मौसमी फल खाने चाहिà¤à¥¤
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ
खाने में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ लें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये ऊरà¥à¤œà¤¾ का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं।इनमें से कà¥à¤› विटामिन और फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं।इनमें बà¥à¤°à¥‡à¤¡, आलू, अनाज, चावल, पासà¥à¤¤à¤¾, नूडलà¥à¤¸, कॉरà¥à¤¨, बाजरा,ओटà¥à¤¸, और कॉरà¥à¤¨à¤®à¥€à¤² शामिल हैं।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ लेना कापी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।हर दिन पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ लेना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
फलियां
दाल
मछली
अंडे
मांस
डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦
नटà¥à¤¸
इस बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि खाने में अतिरिकà¥à¤¤ वसा या तेल न डालें। इसके अलावा मछली à¤à¥€ आपके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में डेयरी
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में दूध, पनीर, और दही जैसे डेयरी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ होते हैं जिनकी आपको और आपके बचà¥à¤šà¥‡ को आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में हेलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸
यदि आपको दिन में छोटी à¤à¥‚ख लगती है, तो कोशिश करें कि à¤à¤¸à¥‡ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ न खाà¤à¤‚ जिनमें वसा और चीनी अधिक हो, जैसे कि मिठाई, बिसà¥à¤•à¥à¤Ÿ, या चॉकलेट। इसके बजाय, कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ चà¥à¤¨à¥‡à¤‚, जैसे:
सलाद , पनीर
लो-फैट, लो-शà¥à¤—र फà¥à¤°à¥‚ट योगरà¥à¤Ÿ, सादा दही
ताज़े फल
सबà¥à¤œà¥€ और बीन सूप
दलिया
मिलà¥à¤•शेक या सà¥à¤®à¥‚दी
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इन चीजों से करें परहेज (En cheezo se kare parhez)
समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का à¤à¤• बड़ा सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हो सकता है, और कई मछलियों में ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ आपके बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और आंखों के विकास को बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, कà¥à¤› मछलियों में मरकरी की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है।ये आपके बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤¨ à¤à¥€ पहà¥à¤‚चा सकता है।अधपके मांस, और अंडे से बचें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान, आपको बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² फ़ूड पॉइज़निंग का खतरा बढ़ जाता है। खाने से पहले सà¤à¥€ मीट और पोलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ को पूरी तरह से पका लें।
बिना धà¥à¤²à¥‡ फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बचें
खाने से पहले सà¤à¥€ फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धो लें। सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से पकाना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें।
अधिक कैफीन से बचें
अधिक कैफीन आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहानिकारक हो सकता है।इसलिठअधिक कॉफी या कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ से बचें।
हरà¥à¤¬à¤² चाय से बचें
विकासशील शिशà¥à¤“ं पर विशिषà¥à¤Ÿ जड़ी-बूटियों के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ हो सकते हैं इसलिठहरà¥à¤¬à¤² चाय पीने से बचें।
शराब से बचें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शराब से पूरी तरह बचना ही सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ उपाय है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शराब पीने से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ और सà¥à¤Ÿà¤¿à¤² बरà¥à¤¥ का खतरा अधिक होता है। शराब पीने से à¤à¥à¤°à¥‚ण को चेहरे की विकृति और बौदà¥à¤§à¤¿à¤• अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
अधिक वसा और चीनी से बचें
अधिक चीनी या वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और पेय अकà¥à¤¸à¤° कैलोरी में उचà¥à¤š होते हैं, जो वजन बढ़ाने में योगदान कर सकते हैं। बहà¥à¤¤ अधिक सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैट खाने से आपके रकà¥à¤¤ में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ सकती है, जिससे आपको हृदय रोग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।इसलिठअपने और अपने शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखने के लिठइनसे परहेज़ करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करे (garbhavastha Hone par kya kare)
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ लें
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ लेने से आपको समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषण मिल सकता है जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में मदद कर सकता है। इसलिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ लेना अचà¥à¤›à¤¾ रहता है।
à¤à¤°à¤ªà¥‚र नींद लें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 9 महीनों के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में बदलाव के कारण अकसर नींद पूरी तरह नहीं आती। यदि आपको थकावट महसूस होती है तो à¤à¤ªà¤•ी ज़रूर लें। हर रात 7-9 घंटे सोने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ रखें।
वरà¥à¤•आउट करें
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® माठऔर बचà¥à¤šà¥‡ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निपटने में आपकी मदद कर सकता है। इससे अनिदà¥à¤°à¤¾,मांसपेशियों में दरà¥à¤¦, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• वजन बढ़ने और मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ दूर होती हैं। अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से à¤à¤• फिटनेस रूटीन बनाकर रखें।
सेकà¥à¤¸ करें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सेकà¥à¤¸ करना मना नहीं होता है। अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से अपनी सेकà¥à¤¸ लाइफ को जारी रखा जा सकता है।
योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ à¤à¤¸à¥‡ योग अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठडिज़ाइन की गई हों।
कà¥à¤¯à¤¾ ना करे (kya Na Kare)
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाली महिलाओं से पैदा होने वाले शिशà¥à¤“ं में जनà¥à¤® के समय कम वजन होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है।इसके अलावा उनके विकास संबंधित और à¤à¥€ कई जोखिम हो सकते हैं।
शराब न पिà¤à¤‚
शराब आपके बचà¥à¤šà¥‡ के विकास को बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है। जो लोग गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर शराब पीते हैं, वे फीटल अलà¥à¤•ोहल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (à¤à¤«à¤à¤à¤¸) वाले बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® दे सकते हैं। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® के समय कम वजन, विकलांगता जैसी और समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं।
हॉट टब या सॉना में न बैठें
गरà¥à¤® टब, जकूज़ी और सॉना का उचà¥à¤š गरà¥à¤®à¥€ वाला वातावरण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ माताओं के लिठबहà¥à¤¤ खतरनाक हो सकता है। गरà¥à¤® पानी में à¤à¤¿à¤—ोने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है और इससे बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® दोषों का खतरा बढ़ जाता है।
बहà¥à¤¤ अधिक कैफीन न पिà¤à¤‚
अधिक कैफीन लेने से आपके बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति बढ़ सकती है।इसलिठइसका सेवन कम करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को घर पर ठीक कैसे करे (Home Remedy for garbhavastha) Treatment in Hindi)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जी मिचलाना à¤à¤• आम बात है। à¤à¤¸à¥‡ में अदरक आपके लिठमà¥à¤«à¥€à¤¦ हो सकती है। गरà¥à¤® पानी में à¤à¥€à¤—ी हà¥à¤ˆ ताजी अदरक की चाय पीने से जी मिचलाने से राहत मिलती है।
अधिक खटà¥à¤Ÿà¤¾ और मसालेदार ना खाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आप खटà¥à¤Ÿà¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के लिठललचा सकते हैं। इसके अलावा आइसकà¥à¤°à¥€à¤® से लेकर मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ कई चीज़ों को खाने की लालसा हो सकती है। लेकिन सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें ताकि आपका शरीर किसी विशेष खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के लिठलालायित न हो।
ढीले कपड़े पहनें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट का फूलना à¤à¤• सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस अवधि के दौरान पेट अधिक धीरे-धीरे खाली होता है। à¤à¤¸à¥‡ में तंग कपड़ों से बचना चाहिठयदि आपको सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो कोशिश करें और उन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को ना लें जो गैस पैदा कर सकते हैं ।
लंबे समय तक खड़े रहने से बचें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले 20 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में बेहोशी काफी आम है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª कम हो जाता है और रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ शिथिल हो जाती हैं। लंबे समय तक खड़े रहने से बचें। बैठने या लेटने पर उठना हो तो धीरे-धीरे उठें। इससे आपको चकà¥à¤•र आने से बचने में मदद मिलेगी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इलाज- पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तरीके (garbhavastha Ke Ilaaj)
जब आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय पूरा हो जाता है तो चिकितà¥à¤¸à¤• आपसे पूछते हैं कि आप किस पà¥à¤°à¤•ार की डिलिवरी का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करना चाहती हैं। अगर आप नारà¥à¤®à¤² डिलिवरी चाहती हैं तो लेबर पेन शà¥à¤°à¥ होने का इंतज़ार किया जाता है। पर अगर आप किसी कारणवश सी सेकà¥à¤¶à¤¨ करवाना चाहती हैं तो आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय पूरा होने पर चिकितà¥à¤¸à¤• आपको à¤à¤• तारीख का चानव कर असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की सलाह देते हैं। इसके अलावा अगर इस बीच आपका वाटर बà¥à¤°à¥‡à¤• हो जाता है यानी गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से पानी बहने लगता है तो आपको तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² पहà¥à¤‚चने की ज़रूरत पड़ सकती है। इस बात का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि पेट में अचानक तेज़ दरà¥à¤¦ या बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने लगे तो à¤à¥€ आपको चिकितà¥à¤¸à¤• से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤. पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तरीके
योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ- नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी
जब à¤à¤• मां शिशॠको योनि के ज़रिठजनà¥à¤® देती है तो उसे नारà¥à¤®à¤² डिलिवरी कहा जाता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसमें महिला को à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ या अनà¥à¤¯ दरà¥à¤¦ निवारक दवाà¤à¤‚ देकर मदद कर सकते हैं। हालांकि पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक जनà¥à¤® का सही समय अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ है।पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पूरे होने पर ये कà¤à¥€ à¤à¥€ हो सकती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आमतौर पर सिजेरियन डिलीवरी के बजाय योनि जनà¥à¤® की सलाह देते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार की डिलिवरी में शिशॠअपने मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और फेफड़ों के विकास के लिठकà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। जब बचà¥à¤šà¤¾ बरà¥à¤¥ कैनाल से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है, तो सà¤à¥€ à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ को खतà¥à¤® करने के लिठबचà¥à¤šà¥‡ की छाती को निचोड़ा जाता है और उसके फेफड़ों का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° होता है।योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ माताओं को बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के आघात से अधिक तेज़ी से ठीक होने और अपने नवजात शिशà¥à¤“ं के साथ जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ घर लौटने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देता है। à¤à¤¸à¥‡ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ कम होती है। यदि शिशॠयोनि नहर के माधà¥à¤¯à¤® से पैदा होता है, तो उसे सांस संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है।
सीजेरियन सेकà¥à¤¶à¤¨
कई बार सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी कारणों से योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बजाय सीज़ेरियन डिलीवरी का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ पड़ता है।इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के लिà¤, पेट के नीचे की तरफ चीरा लगाया और फिर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पर चीरा लगाकर बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर निकाला जाता है। इस पà¥à¤°à¤•ार की डिलीवरी को सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ कहा जाता है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ का चयन कई बार जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के होने ,बचà¥à¤šà¥‡ के बà¥à¤°à¥€à¤š पोज़ीशन में होने , बचà¥à¤šà¥‡ का वज़न अधिक होने या अनà¥à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के आधार पर किया जाता है। इसके लिठमां के कमर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ से सà¥à¤¨à¥à¤¨ कर दिया जाता है। पर कà¥à¤› मामलों में जनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ दी जा सकती है।
फोरसेपà¥à¤¸ डिलिवरी
यह आमतौर पर योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ में सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। जब बचà¥à¤šà¤¾ बरà¥à¤¥ कैनाल से पूरी तरह बाहर आने में विफल रहता है तो उसे सहायता की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से कà¥à¤› अवरोधों के कारण होता है या जब माठबहà¥à¤¤ थक जाती है और बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर धकेलने में असमरà¥à¤¥ महसूस करती है। इन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, डॉकà¥à¤Ÿà¤° विशेष रूप से डिज़ाइन किठगठफोरसेपà¥à¤¸ का उपयोग करते हैं और धीरे-धीरे बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर निकालते हैं। फिर बचà¥à¤šà¥‡ के सिर को धीरे से पकड़ा जाता है और फोरसेपà¥à¤¸ का उपयोग करके बाहर की ओर निकाला जाता है।
वैकà¥à¤¯à¥‚म à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨
नारà¥à¤®à¤² डिलिवरी विफल हो जाती है तो फोरसेपà¥à¤¸ की तरह ही वैकà¥à¤¯à¥‚म à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨ का à¤à¥€ उपयोग किया जाता है। ये तब होता है जब बचà¥à¤šà¤¾ मां के बरà¥à¤¥ कैनाल में आगे बढ़ना बंद कर देता है। à¤à¤¸à¥‡ में वैकà¥à¤¯à¥‚म à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨ विधि का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक में बचà¥à¤šà¥‡ के सिर तक पहà¥à¤‚चने तक कैनाल के अंदर à¤à¤• वैकà¥à¤¯à¥‚म पंप डालने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। वैकà¥à¤¯à¥‚म के सिरे पर à¤à¤• नरम कप लगा होता है जो बचà¥à¤šà¥‡ के सिर पर चिपक जाता है। फिर इस वैकà¥à¤¯à¥‚म को धीरे धीरे बाहर खींचा जाता है और साथ में बचà¥à¤šà¤¾ बाहर जाता है।
इलाज की लागत (Ilaaj ka Kharcha)
à¤à¤• शिशॠके जनà¥à¤® का खरà¥à¤š इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि डिलिवरी के लिठकिस तरीके का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा रहा है। नारà¥à¤®à¤² डिलिवरी 10,000 रà¥à¤ªà¤ से शà¥à¤°à¥‚ होती है वहीं अगर आप सिज़ेरियन सेकà¥à¤¶à¤¨ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करती है तो आपका खरà¥à¤š 2,00000 रà¥à¤ªà¤ तक जा सकता है।आप डिलिवरी के लिठकौन सा असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² चà¥à¤¨ रही हैं या आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कैसी है इससे बी लागत में बदलाव आ सकता है।
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